समय सीमा की बैठक आयोजित हितग्राही योजनाओं में अधिकारी ऑख बंद कर न करें भुगतान स्व-सहायता समूह मध्यान्ह भोजन में लापरवाही बरतें तो तत्काल अनुबंध समाप्त करें कलेक्टर केवीएस चौधरी
कटनी (21 मई)- कलेक्टर श्री केवीएस चौधरी ने समय सीमा की बैठक में जिले के विभागीय अधिकारियों के कार्यो की विषयवार समीक्षा की, तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में जनशिकायत, सी.एम.हेल्प लाईन एवं समयावधि पत्रों की समीक्षा करते हुये प्रकरणों के निराकरण हेतु अधिकारियों को हिदायत दी। बैठक में सीईओ फ्रेंक नोबल एवं अपर कलेक्टर उमा माहेश्वरी, सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
टीएल बैठक में कलेक्टर ने खरीदी केन्द्रों में खरीदी, उर्पाजन, भुगतान तथा भंडारण के संबंध में विस्तृत समीक्षा की तथा निर्धारित समय के भीतर लक्ष्य को पूरा करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। टीएल में कलेक्टर केवीएस चौधरी ने श्रमिक सेवा पोर्टल में स्थानीय निकाय वार प्रविष्ट आवेदनों की प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा एवं कम हुए पंजीयनों अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही कहा कि श्रमिक कल्याण योजना के अंतर्गत पंजीयन एवं वैरीफिकेशन के कार्य में तेजी लाए अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विकास यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की और कहा कि प्रति दिन प्रगति रिपोर्ट की जानकारी अधीनस्थ अमले से लें। बैठक में कलेक्टर केवीएस चौधरी ने जिले में कार्यरत अधार पंजीयन सेंटर, जाति प्रमाण पत्र निर्माण कार्य आयुष्मान भारत के सर्वे एवं डाटा फीडिंग आदि के बारे में विस्तृत रूप से समीक्षा की एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कहा कि अधिकारी ऑख बंदकर किसी को भी योजना का लाभ न दे और ना ही भुगतान करें। उन्होंने कहा कि पात्रता देने एवं भुगतान करने के पहले सभी पहलुओं पर सत्यापन अवश्य करें। साथ ही उन्होंने कहा कि विवाह सहायता राशि, अत्येंष्टि, प्रसव सहायता जैसे प्रकरणों में लंबन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ऐसे प्रकरणों गंभीरता के साथ कार्य करने की बात भी कही। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि कुछ स्व-सहायता समूह मध्यान्ह भोजन बनाने में लापरवाही बरत रहे हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर केवीएस चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्व-सहायता समूह जो मध्यान्ह भोजन नहीं बना रहे हैं या लापरवाही पूर्वक कार्य कर रहे हैं, उनके साथ अनुबंध तत्काल अनुबंध समाप्त कर अन्य व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन की ऑनलाईन उपस्थिति एवं ऑफलाईन रिपोर्ट में यदि अंतर पाया जाता है तो संबंधित कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहे।
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